यूपी शिक्षा विभाग की बड़ी तैयारी चर्चा में
1. उत्तर प्रदेश के नगरीय क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में 11,508 सहायक अध्यापक पदों पर भर्ती प्रस्ताव भेजे जाने की जानकारी विभिन्न समाचार रिपोर्टों में प्रकाशित हुई है। रिपोर्ट्स के अनुसार यह प्रस्ताव उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को भेजा गया है। कल सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसकी पुष्टि स्वयं की है।
2. नगर क्षेत्र में लंबे समय से शिक्षकों की कमी बताई जा रही थी और कई विद्यालय समायोजन तथा तबादलों के माध्यम से संचालित हो रहे थे। अब नई भर्ती प्रक्रिया से शिक्षक-छात्र अनुपात में सुधार की संभावना जताई जा रही है।
3. समाचार पत्रों में प्रकाशित जिलेवार आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक रिक्तियां बरेली (888), कानपुर नगर (758), मेरठ (635), अलीगढ़ (492), सहारनपुर (448), लखनऊ (444) और गाजियाबाद (405) में बताई गई हैं।
4. रिपोर्ट्स में वाराणसी में 378, आगरा और फर्रुखाबाद में 315-315, मथुरा में 255, बुलंदशहर और फिरोजाबाद में 245-245, जालौन में 232 तथा अमरोहा में 230 पद रिक्त बताए गए हैं।
5. मुजफ्फरनगर में 186, मिर्जापुर में 168, गोरखपुर, हरदोई और पीलीभीत में 166-166, शामली में 161, लखीमपुर खीरी में 154 तथा सिद्धार्थनगर में 152 रिक्त पद दर्शाए गए हैं
6. एटा और जौनपुर में 151-151, बहराइच में 140, देवरिया में 131, रामपुर में 129, कासगंज और उन्नाव में 128-128, मुरादाबाद में 127 तथा इटावा में 125 पदों का उल्लेख किया गया है।
7. आजमगढ़ और बलिया में 122-122, सीतापुर में 111, हापुड़ में 108, प्रतापगढ़ में 107, हमीरपुर में 105 तथा फतेहपुर में 95 रिक्तियां दर्ज बताई गई हैं।
8. कई जिलों में अपेक्षाकृत कम पद भी हैं, जिनमें रायबरेली (91), भदोही (79), कौशांबी (75), ललितपुर (68), संतकबीरनगर (62), बिजनौर (59), महोबा (56) तथा गाजीपुर, मऊ, बांदा, अयोध्या और बलरामपुर में 52-52 पद शामिल हैं।
9. प्रकाशित आंकड़ों में गौतमबुद्धनगर, कुशीनगर, कानपुर देहात, चंदौली, महाराजगंज, सोनभद्र और श्रावस्ती जैसे जिलों में अपेक्षाकृत बहुत कम रिक्तियां दर्ज दिखाई गई हैं।
10. नगर क्षेत्र में यह पहली बड़ी सीधी भर्ती मानी जा रही है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार 1983 में नगर संवर्ग गठन के बाद लंबे समय तक नियमित भर्ती नहीं हुई थी और कई पद वर्षों से रिक्त थे
11. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं बढ़ाने, ड्रॉपआउट दर कम करने और शिक्षक संख्या बढ़ाने संबंधी बयान भी कार्यक्रमों और समाचार कवरेज में प्रकाशित हुए हैं।
12. यह भर्ती प्रस्ताव शिक्षा व्यवस्था, छात्र-शिक्षक अनुपात और नगरीय विद्यालयों की स्थिति सुधारने के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि अंतिम भर्ती प्रक्रिया, विज्ञापन, आरक्षण, पात्रता और चयन संबंधी आधिकारिक जानकारी आयोग की अधिसूचना के बाद ही स्पष्ट होगी। इस भर्ती की तैयारी के लिए I